TET Mandatory for Teachers :- शिक्षकों को नौकरी में बने रहना है तो करना होगा शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास, वरना देना होगा इस्तीफा - सुप्रीम कोर्ट

2 साल में टीईटी पास करना अनिवार्य:- 


पूरे देश में शिक्षकों को अपने सेवा में बने रहना या पदोन्नति पाने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा
(TET) पास करना अनिवार्य होगा। सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले ने पूरे देश के शिक्षकों को चौंका दिया है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला प्राथमिक और जूनियर कक्षाओं को पढ़ाने वाले अर्थात वे शिक्षक जो कक्षा एक से आठ को पढ़ाते हैं। प्राथमिक और जूनियर कक्षाओं को पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET)पास करना अनिवार्य होगा अन्यथा उन्हें इस्तीफा देना होगा या जबरन सेवानिवृत्ति किया जाएगा। इस फैसले में शिक्षा के अधिकार अधिनियम आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त ऐसे शिक्षक जिनकी सेवा 5 वर्ष से अधिक बची है उन सभी शिक्षकों को 2 वर्ष के अंदर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना होगा अन्यथा दिए गए समय सीमा में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करने में विफल शिक्षकों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। 

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस दीपंकर दत्ता, जस्टिस मनमोहन डबल बैच ने उन शिक्षकों को थोड़ी राहत दी है जिन शिक्षकों की सेवा 5 वर्ष से कम बची हुई है ऐसी शिक्षकों को  शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करने की जरूरत नहीं है और ना ही उन्हें पदोन्नति का लाभ मिलेगा

पदोन्नति  चाहते हैं तो शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना जरूरी:-

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से उन शिक्षकों को थोड़ी राहत मिली है जिनकी सेवा 5 वर्ष से कम बची हुई है क्योंकि 5 वर्ष से कम नौकरी वाले अध्यापकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास नहीं करना होगा परंतु यह शिक्षक अगर पदोन्नति चाहते हैं तो शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य होगा। पूरे देश के शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ लेना है तो शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना होगा और अपनी सेवा में बने रहना है तो भी शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य होगा। यह शर्त सिर्फ प्राथमिक और जूनियर कक्षा के अध्यापकों पर लागू होगी।

देश भर का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है लेकिन उत्तर प्रदेश में लगभग 2 लाख और मध्य प्रदेश में लगभग 3 लाख शिक्षक इस नियम से प्रभावित होंगे, जिन्होंने अभी तक टीईटी परीक्षा पास नहीं की है।

उत्तर प्रदेश में शिक्षकों का समायोजन होगा निरस्त:-

पदोन्नति में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का व्यापक असर उत्तर प्रदेश में भी पड़ेगा। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से पिछले दो महीने के दौरान अंतर जनपदीय स्थानान्तरण और समायोजन के तहत उच्च प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक पद पर समायोजित प्राथमिक स्कूलों के तकरीबन नौ हजार प्रधानाध्यापकों का अब समायोजन निरस्त करना होगा।

आठ साल बाद शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता साफ:-

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद से शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है। प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्त शिक्षकों की पांच साल बाद प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक या उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक पद पर पदोन्नति होनी चाहिए। हालांकि टीईटी की अनिवार्यता को लेकर विवाद के कारण यूपी में 2017 के बाद से पदोन्नति नहीं हुई है। हजारों शिक्षक ऐसे हैं जिनकी पदोन्नति नियुक्ति के डेढ़ दशक बाद भी नहीं हो सकी है। अब सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से पदोन्नति हो सकेगी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षकों का डाटा मांगा जा रहा:-


सुप्रीम कोर्ट की फैसले के बाद उत्तराखंड के नैनीताल जिले में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास और शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) नहीं पास शिक्षकों का डाटा मांगा जा रहा । उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया जो शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) और नॉन शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) शिक्षकों का डाटा कलेक्ट कर रहा है । उत्तराखंड राज्य में ऐसे हजारों शिक्षक हैं जिनका शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण नहीं है इन सभी शिक्षकों को आरटीई के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना होगा

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